Polygon (Matic) क्या है? और ये एथरियम के लिए क्यों इतना ख़ास है?

Polygon जिसका पहले नाम Matic था Ethereum Layer 2 Scaling Solution है। अगर आपको नही पता की ये क्या होता है तो चिंता मत कीजिए इस आर्टिकल को आगे पढ़ते रहिए आपको समझ आ जायेगा Layer 2 Scaling Solution क्या होता है। वर्तमान समय में बिटकॉइन के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी एथरियम है।

एथेरियम केवल क्रिप्टो करेंसी ही नहीं बल्कि एक प्लेटफार्म है जहाँ पर कोई भी खुद की Blockchain, Crypto Currency, Smart Contracts, dApps, NFT इत्यादि बना सकता है।

परन्तु एथेरियम की समस्या ये है की जैसे जैसे इसको इस्तेमाल करने वालो की संख्या बढ़ती जा रही है इसकी स्पीड भी कम होती जा रही होती जा रही है खासकर इसकी लेन देन की स्पीड जो बाकी क्रिप्टो करेंसी के मुकाबले काफी कम है और उस लेन देन पर जो फीस लगती है जिसको gas fees भी कहते है वो भी काफी ज्यादा बढ़ती जा रही है जिसके कारण इसके नेटवर्क को इस्तेमाल करना काफी महंगा पड़ रहा है।

छोटी छोटी लेन देन पर आपको काफी ज्यादा गैस फीस देनी पड़ती है परन्तु एथेरियम की खासियत ये है की इसकी जैसी Security और Decentralization आपको दुसरे नेटवर्क पर नहीं मिलेगा जिसके कारण इसके नेटवर्क को छोड़ना भी बहुत मुश्किल है।

इसलिए इसको इस्तेमाल करने वाले दूसरा जरिया ढूँढ रहे है जहाँ उनको Ethereum जैसे नेटवर्क मिल जाए परन्तु उन्हें ज्यादा gas fees और धीमी transaction speed का सामना न करना पड़े। इसी समस्या का समाधान लेकर आया Polygon (Matic)। तो आइये जानते है Polygon के बारे में, Polygon (Matic) क्या है? यह कैसे काम करता है? और कैसे ये Ethereum को scale करने में मदद कर रहा है साथ ही हम इसके tokenomics क्या है उसको भी जानेंगे।

Polygon (Matic) क्या है?

Polygon (Matic) एक Layer 2 Scaling Solution (L2 Solution) है जो Ethereum नेटवर्क के अनुकूल (compatible) ब्लॉकचैन बनाने का प्लेटफार्म देता है। यानी आप Ethereum की तरह ही Polygon पर Smart Contracts, dApps, NFT’s और खुद की ब्लॉकचैन बना सकते हो जिसके साथ आपको Ethereum की सिक्योरिटी भी मिलती है।

Polygon नेटवर्क को इस्तेमाल करने का फायदा ये है की आपको ज्यादा gas fees नहीं देनी पड़ती और साथ ही जो transaction है वो काफी तेजी से हो जाती है। जहाँ Ethereum 15-30 transaction/sec कर पाता है वही इसकी तुलना में Polygon एक सेकंड में 10,000 TPS तक कर सकता है।

लेयर 2 स्केलिंग सॉल्यूशन (Layer 2 Scaling Solution) क्या है?

ब्लॉकचैन की जो सबसे ख़ास बात है वो है इसका Decentralized Nature और इसकी Security जो इसको सबसे ख़ास बनाती है। पर समस्या शुरू होती है इसकी Speed और Scalability से यानी कितनी ज्यादा लेन देन ये एक समय में कर सकता है।

Vitalik Buterin जिन्होंने Ethereum को बनाया है वो इस समस्या को Blockchain Trilemma कहते है यानी कोई भी ब्लाकचैन तीन में से एक या दो ही चीज में ही मजबूत पकड़ बना सकती है और वो है –

  • Security
  • Decentralization और
  • Scalability

तीनो में एक साथ पकड़ बनाना लगभग नामुमकिन है। इसलिए Developers को Layer 2 Scaling Solution की जरुरत पड़ी जहाँ ब्लाकचैन की Security और Decentralization को छेड़े बिना यह काम किया जा सकता है। और Polygon इसमें सबसे पहला और सबसे बड़ा क्रिप्टो प्रोजेक्ट है जो 2017 से इस पर काम कर रहा है।

Polygon की शुरआत तीन भारतीय युवको ने 2017 में मिलकर जिनका नाम Jaynti Kanani, Sandeep Nailwal, Anurag Arjun है। Polygon का शुरुआत में नाम Matic था परन्तु इसको 4th को-फाउंडर Mihailo Bjelic के आने के बाद बदल दिया गया। आज Polygon दुनिया की Top 15 क्रिप्टो करेंसी me शामिल हो चुकी है और वो समय भी ज्यादा दूर नहीं जब ये Top 10 में शामिल हो जायेगी।

Polygon (Matic) कैसे काम करता है | How Does Polygon (Matic) Work?

Polygon Ethereum के लिए एक Layer का काम करता है जहाँ कोई भी Polygon Blockchain का इस्तेमाल करके Ethereum के नेटवर्क का लाभ उठा सकता है। Polygon अपने आप को “Ethereum Internet Of Blockchain” कहता है क्योंकी Polygon का लक्ष्य Ethereum के नेटवर्क को तेज, सुरक्षित और Scalable बनाना है ताकि कोई भी बिना Security से खिलवाड़ किये बिना इसके नेटवर्क का फायदा उठा सके।

साथ ही जो भी dApps, Chains, Smart Contracts Polygon के नेटवर्क पर बनते है वो आपस में जानकारी और Security को शेयर कर सके, इसको Multichain Interoperable Ecosystem कहते है। यही काम Polkadot और Cosmos भी कर रहे है परन्तु Polygon के पास Ethereum के नेटवर्क और उसकी Security का फायदा है।

पॉलिगन Ethereum की तुलना में बहुत तेजी से काम कर पाता है। जो भी ब्लाकचैन Polygon के नेटवर्क पर बनती है वो Proof Of Stake पर काम करती है। Polygon अपने नेटवर्क पर दो तरह की चैन को सपोर्ट करता है –

  • Stand Alone Chains: यह चैन अपनी सुरक्षा की खुद जिम्मेदार होती है क्योंकी इनके खुद के Pools Of Validators होते है जो नेटवर्क की सुरक्षा को सँभालते है।
  • Secured Chains: इसको Security As a Service भी कहा जाता है जहाँ ब्लाकचैन को खुद के Validators Nodes को रखने की जरुरत नहीं पड़ती बल्कि Ethereum के Professional Validators होते है जो पूरी चैन की सुरक्षा को सँभालते है।

Ethereum के नेटवर्क को और ज्यादा तेज और Scalable बनाने के लिए Polygon पूरा ढांचा तैयार कर रहा है ताकि दुनिया भर में और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर सके जैसे की Polygon PoS, Zk Rollups, Optimistic Rollups आदि।

  • Polygon PoS: PoW की तुलना में PoS काफी तेज और कम Energy खपत करता है, PoW में कोई लेन देन होने में काफी समय और ज्यादा gas fees लगती है वही PoS में कोई भी लेन देन तेजी से और कम गैस फीस में हो जाती है।
  • Zero Knowledge (Zk) Rollups: ब्लाकचैन की समस्या है की ये काफी ज्यादा स्टोरेज खाता है और साथ ही जो Processing Speed है वो काफी ज्यादा धीमी होती है। वही Zk Rollups कई सारी transaction को एक बंडल में रोल करके एक single transaction में बदल देता है और उसके बाद वो उसको मुख्य ब्लॉकचेन यानी Ethereum की ब्लॉकचेन में भेज देता है। जिसके कारण Zk Rollups काफी fast और Secure होते है इसके कारण जो transaction है वो काफी तेजी से हो पाती है और गैस फीस भी ज्यादा देनी नहीं पड़ती।
  • Optimistic Rollups (OLs): Optimistic Rollups में जो भी लेन देन होती है उसको मान लिया जाता है की वो सही है बिना उसको Validate किये, वही Zk Rollups में जब कोई लेन देन होती है तो Validators उस लेन देन को Verify करके Ethereum की ब्लाकचैन में भेज देते है परन्तु OLs में कोई Validator नहीं होता।

OLs में बस मान लिया जाता है की जिसने भी transaction करी है वो सही है। OLs Fraud Proof का इस्तेमाल करते है पर तभी जब उससे पुछा जाता है की कोई transaction गलत है और अगर ये सही साबित होता है तो उस transaction को हटा दिया जाता है और जिस माइनर ने उसको वेरीफाई किया होता है उसको भारी जुर्माना भरना पड़ता है।

इसलिए यह मान लिया जाता है की जिसने भी लेन देन को वेरीफाई किया है वो सही है क्योंकि गलत होने पर उसको जुर्माना भरना पड़ेगा। OLs L2 solution है और अगर किसी ने अपना फण्ड OLs से L1 में भेजा हो यानी Ethereum की Main चैन में भेजा हो और उसको उस फण्ड की जरुरत हो तो उसको निकालने में कम से कम एक हफ्ता लग जाता है।

Polygon पर 3000 से भी ज्यादा dApps काम कर रहे है और ये संख्या बढती जा रही है जिनमे कुछ बड़े नाम है जैसे Aave, Sushiswap, Curve Finance. Opensea जो NFT का सबसे बड़ा मार्किट प्लेस है वो Polygon चैन को सपोर्ट करता है। वही बड़े बड़े Investor जैसे Sequoia Capital India, Steadview इसमें निवेश करने का मूड बना चुकें है, वही Shark Tank के Mark Cuban जिनकी गिनती बड़े इन्वेस्टर में होती है उन्होंने Polygon में निवेश किया हुआ है।

Polygon (Matic) Tokenomics

Polygon नेटवर्क को चलाने के लिए Matic टोकन का इस्तेमाल किया जाता है। Matic टोकन की जो टोटल सप्लाई है वो 10 Billion है और मार्किट में जो अभी इसकी सप्लाई है वो 9.5 Billion की है, इस आर्टिकल को लिखते समय इसके एक टोकन की कीमत $0.8 है जिसके अनुसार जो इसकी Market Capitalization है वो $8 Billion की हो जाती है जो की 2021 में बढ़कर $20B तक पहुच गई थी।

एक साल में Polygon ने अपने निवेशको को 4616% से भी ज्यादा के रिटर्न बना कर दिया है परन्तु क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना काफी ज्यादा जोखिम भरा होता है, एक दिन में ये -50% तक भी गिर सकता है। अगर आप ज्यादा रिस्क नहीं ले सकते तो आप क्रिप्टो में निवेश न करें और अगर करना है तो अपनी खुद की रिसर्च करके ही करें किसी के कहने पर निवेश न करें।

आज आपने क्या सीखा?

Polygon के बारे में जब आप सर्च करते हो तो आपको कई सारी Technical Term का सामना करना पड़ता है जो Non-Technical लोगो के लिए समझने में मुश्किल होती है। इसलिए मैंने जितना हो सका आपको आसान भाषा में Polygon के बारे में बताने की कोशिश की पर अगर आपको फिर भी कुछ समझ ना आया हो तो आप कमेंट करके या फिर हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्वाइन करके वहां पर सवाल पूछ सकते है।

नमस्ते, मेरा नाम अभिषेक है, और मैं एक वेब डेवलपर हूं। मेरा दिल तकनीक, वेब विकास, और नवाचार के प्रति बहुत गहरी प्रेमभावना से भरा हुआ है। मुझे प्रोग्रामिंग करने और खुद से चीजें बनाने में भी बड़ी रुचि है।

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