LED Full Form & Meaning in Hindi | एलईडी का फुल फॉर्म क्या होता है?

LED Full Form In Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज इस पोस्ट में हम लोग LED का फुल फॉर्म और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में बात करेंगे। शायद आप में से कुछ लोग LED के बारे में जानते हों, लेकिन अन्य लोगों के लिए यह नई जानकारी हो सकती है। यदि आप एलईडी का फुल फॉर्म जानने या अपने सवालों के उत्तर ढूंढ़ने यहाँ आए हैं, तो आप सही वेबसाइट पर हैं।

इस लेख में हम LED से जुड़ी सभी जानकारी प्रदान करेंगे। आप से अनुरोध है कि लेख को पूरा पढ़ें ताकि आपके सभी सवालों के जवाब मिल सकें। इस आर्टिकल को पढ़कर हमें आशा है कि आपको LED से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। चलिए, जानते हैं एलईडी (LED) के बारे में सब कुछ।

एलईडी का फुल फॉर्म क्या है?

एलईडी का फुल फॉर्म “लाइट एमिटिंग डायोड” होता है। इसे हिंदी में “प्रकाश उत्सर्जक डायोड” कहते हैं। एलईडी बल्ब को आपने विभिन्न आकृतियों और आकारों में जरूर ही देखा होगा। जिस एलईडी बल्ब का उपयोग हम सभी अपने घरों में करते हैं उसे “Through Hole LED’s” कहा जाता है।

LED Full Form In English

LED का इंग्लिश में फुल फॉर्म “Light Emitting Diode” होता है।

  • L – Light
  • E – Emitting
  • D – Diode

जैसा कि हम सभी जानते हैं, LED के कई सारे फुल फॉर्म हो सकते हैं, लेकिन इसमें से सबसे मशहूर और ज्यादा प्रचलित फुल फॉर्म “Light Emitting Diode (LED)” है। इसे लोग बहुत अच्छे तरीके से समझते हैं और अपने रोज़ मर्रा के बातचीत में उपयोग करते हैं। इस पोस्ट में हम आपको LED के अन्य सभी फुल फॉर्म भी बताएंगे, इसलिए कृपया इसे अंत तक पढ़ें।

लाइट एमिटिंग डायोड (LED) क्या होता है?

LED एक तरह का पी-एन जंक्शन डायोड होता है जब उसमे करंट दिया जाता है तो लाइट का उत्सर्जन आगे की दिशा में होता है। LED में चार्ज कैरियर का पुनर्संयोजन होता है। इलेक्ट्रॉन N-साइड से और छेद P-साइड से मिलकर हीट और लाइट के रूप में ऊर्जा प्रदान करते हैं।

LED अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) मटेरियल से बना होता है जो कि बेरंग (कलरलेस) होता है। एलईडी में डायोड के जंक्शन के माध्यम से प्रकाश का विकिरण होता है।

एलईडी का ज्यादातर उपयोग सेगमेंटल, न्यूमेरिक और अल्फान्यूमेरिक चरित्र के डॉट मैट्रिक्स को दर्शाता है। मल्टीपल एलईडी अर्थात् कई सारे एलईडी का उपयोग सिंगल लाइन सेगमेंट के लिए होता है और सिंगल एलईडी का इस्तेमाल डेसिमल प्वाइंट सेगमेंट बनाने के लिए होता है।

एलईडी का निर्माण कैसे होता है?

P-material को एलईडी का Surface माना जाता है क्योंकि चार्ज कैरियर का पुनर्संयोजन P-type material में होता है। Emission of Light को Maximum करने के लिए Anode Deposition P-type material के edge में होता है।

इसमें इस्तेमाल होने वाला Cathode Gold Film का बना होता है और यह N-Region के नीचे के हिस्से में लगा होता है। Light के Reflection को Surface तक पहुचाने के लिए भी Cathode के Gold layer का इस्तेमाल किया होता है।

एलईडी के manufacturing में gallium arsenide phosphide का इस्तेमाल भी किया जाता है जो की emit करते है Red और Yellow Light के Emission को। एलईडी Light कई सारे Color में Available होते है जैसे Red, Green और Yellow. एलईडी के Power को On/Off करने के लिए Simple Transistor का इस्तेमाल होता है।

एलईडी कैसे काम करता है?

LED का काम करने का Process Quantum Theory पर निर्भर करता है। Quantum Theory के अनुसार, जब Electron की Energy कम होकर Higher Level से Lower Level पर आती है, तो वे Photon के रूप में Energy Emit करते हैं। Photon की Energy Higher Level और Lower Level के Gap के बराबर होती है।

हम आपको बता दें कि LED Forward Biased में Connected होता है, जिससे कि Current का Flow Forward Direction में होता है। हम सभी जानते हैं कि Current का Flow Electrons के Opposite Direction में होता है।

यह recombination हमें दिखाता है कि Electrons Conduction Bond से Valance Bond की ओर जाते हैं। वे Photon के रूप में Electromagnetic Energy Emit करते हैं। इन Photons की Energy Conduction Bond और Valance Bond के Gap के बराबर होती है।

LED के फायदे

अब हम बात करने वाले है एलईडी से जुड़े कुछ फायदों ले बारे में।

  • एलईडी में high efficiency होती है, लेकिन उन्हें संचालन के लिए moderate power की आवश्यकता होती है। एलईडी को काम करने के लिए कम से कम 1.2V voltage और 20mA Current की जरूरत होती है। इसी कारण काफी बार एलईडी काम Voltage में भी काम करते है।
  • एलईडी Size में बहुत छोटे होते है, High Density Matrix में Numerical और Alphanumerical Display बनाने के लिए उन्हें एक साथ रखा जा सकता है।
  • एलईडी के Light के Output की Intensity उसके अंदर बह रहे Current पर निर्भर करता है। हम इनके Light के Output Intensity को Current के बहाव के माध्यम से Control कर सकते है।
  • एलईडी बहुत किफायती और बजट के अंदर आ जाते हैं और इनकी विश्वसनीयता पर भी कोई सवाल नही उठा क्योंकि वे उसी तकनीक के साथ निर्मित होते है जैसे ट्रांजिस्टर को किया जाता है।
  • एलईडी आपको अलग अलग रंगों में मिल जाएंगे जैसे Red, Yellow, Green और Amber।
  • एलईडी का On/Off Time 1 Nanoseconds से भी कम होता है जिसके कारण इन LED’s का इस्तेमाल Dynamic Operations के रूप में होता है।

LED के नुकसान

एलईडी के वैसे तो कोई नुकसान नहीं होते हैं, लेकिन जब हम इन्हें LCD के साथ तुलना करते हैं तो पता चलता है कि एलईडी बहुत अधिक पावर कंज्यूम करती है LCD के मुकाबले।

एलईडी (LED) के अन्य फुल फॉर्म

एलईडी (LED) का फुल फॉर्म विभिन्न संदर्भों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। नीचे कुछ सबसे ज्यादा प्रचलित एलईडी के फुल फॉर्म दिए गए हैं:

  • Lakshadweep Electricity Department (Departments & Agencies)
  • Local Economic Development (Departments & Agencies)
  • Light Emitting Device (Electronics)
  • Liquid Emitting Diode (Electronics)
  • Law Enforcement Division (Police)
  • Law Enforcement Desk (Military and Defence)
  • Leading Edge Design (Companies & Corporations)

एलसीडी और एलईडी में क्या अंतर है?

LED (Light Emitting Diode) और LCD (Liquid Crystal Display) दोनों ही ऐसे ऑप्टिकल डिवाइसेस हैं जो P-N जंक्शन में करंट फ्लो का उपयोग करके विजिबल लाइट को उत्पन्न करते हैं, जिससे टेक्स्ट और छवियों जैसी जानकारी को प्रदर्शित किया जा सकता है। LED में कोई बैकलाइट नहीं होता, जबकि LCD जिसका पूरा नाम ‘लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले’ है, जिसमें बैकलाइट होता है जिसका उपयोग कभी-कभी कोल्ड कैथोड फ्लोरेसेंट लैम्प से किया जाता है।

LED डिस्प्ले की रेज़ोल्यूशन होती है एलसीडी डिस्प्ले की तुलना में, लेकिन इसकी ऊर्जा आवश्यकता भी अधिक होती है। LED का डिस्प्ले क्षेत्र सामान्यता से कम होता है, जबकि LCD एक बड़े डिस्प्ले क्षेत्र के साथ आता है। अगर बात लागत की की जाए, तो LED डिस्प्ले महंगा होता है, जिससे उसे सामान्य उपभोक्ता के लिए कम उपलब्ध होता है, जबकि LCD डिस्प्ले सामान्यता से कम लागत वाला होता है।

इन डिस्प्ले को बनाने में उपयोग होने वाले सामग्रियां भी भिन्न होती हैं; LED में गैलियम आर्सेनाइड फास्फाइड सामग्री का उपयोग होता है, जबकि LCD में तरल क्रिस्टल्स और कांच के इलेक्ट्रोड का उपयोग होता है। और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि LED में मर्क्युरी का उपयोग नहीं होता है, जबकि LCD में इसका उपयोग होता है।

आज आपने क्या सीखा?

दोस्तों मुझे आशा है कि आपको हमारे यह आर्टिकल “LED फुल फॉर्म इन हिंदी” बहुत पसंद आया होगा। इस पोस्ट को अंत तक पढ़ने के बाद, आपको उन सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे जिनके लिए आप हमारी वेबसाइट पर आए थे। हमारा लक्ष्य हमेशा से यही रहा है कि हम आपको एलईडी का फुल फॉर्म और उसका क्या मतलब होता है इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करें।

इस पोस्ट में हमने एलईडी से जुड़ी सभी जानकारी जैसे की एलईडी का फुल फॉर्म, एलईडी का मतलब क्या होता है और एलईडी से जुड़ी कुछ नई जानकारी के बारे में बात की है। यदि इस विषय से संबंधित कोई प्रश्न हो, तो कृपया कमेंट बॉक्स में संपर्क करें। और साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सोशल नेटवर्किंग साइटों पर साझा करें ताकि उनको भी कुछ नया सीखने को मिले।

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